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IPL का वो सच जो आप अब तक नहीं जानते. Shoking Truth Of IPL In Hindi. IPL की शुरुआत कब और कैसे हुई थी ?

 

IPL का वो सच जो आप अब तक नहीं जानते. 

Shoking Truth Of IPL In Hindi. 

 


IPL टीम के मालिकों की कमाई कैसे होती है ?  (How did the IPL team Owners Make Money)


BHARAT देश के लिए क्रिकेट महज एक खेल नहीं है ब्लकि एक फीलिंग्स और emotion है. देश में सबसे ज्यादा प्यार उभर कर आता है IPL के समय. हज़ारों लोग स्टेडियम से और  करोड़ों लोग अपने घरों में बैठ कर इस खेल का आनंद उठाते हैं.  अब IPL हम देश वासियों के लिये एक त्योहार जैसा हो गया है. जिसे हम हर साल आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं. 


IPL हर साल BCCI के द्वारा अप्रैल और मई के महीने में आयोजित किया जाता है . दुनिया मे सबसे ज्यादा Audience वाला Cricket League भी IPL ही है.  अब आपके मन मे सवाल आता होगा कि IPL की शुरुआत कब और कैसे हुई थी और ये इतना लोकप्रिय खेल कैसे बन गया जो आज हर देशवासियों के दिलों पर राज कर्ता है. तो आइये हम एक एक करके सारी बातें आपको बताने हैं IPL के बारे में. 


IPL की शुरुआत कब और कैसे हुई थी ? 


IPL की शुरुआत आज से  13 साल पहले हुई थी तब से ये बहुत लंबा सफर तय कर चुकी है. अंगिनत Entertainment से लेकर अनगिनत Controversies तक  इस खेल ने सब देखा है.  इस सब की शुरुआत हुई 2007 में जब Zee Entertainment Enterprises ने Indian Cricket League (ICL) की शुरुआत करी,  इस League के पास बीसीसीआई और आईसीसी का सपोर्ट नहीं था. पर बीसीसीआई ने इस लीग को अपना प्रतिद्वन्द्वी तक मान लिया था.  


इसी के बाद बीसीसीआई ने announce किया कि वो खुद की T20 League की शुरुआत करेगा, जिसका नाम होगा Indian Premier League. BCCI ने बताया की वो IPL की प्लानिंग पिछले 2 सालों से कर रहे थे और इसका Indian Cricket League के आने से कोई लेना देना नहीं है. 


IPL के पीछे के मास्टर माइंड थे BCCI के Vice Chairman Lalit Modi. इन्होंने League का Format इंग्लैंड के Permier League से मिलता जुलता बनाया था. उन्होंने कहा कि IPL को इसलिए शुरू किया जा रहा है ताकी देश के नौजवान इस खेल से जुड़ सके और देस के ज्यादा से ज्यादा खिलाडियों को बड़े प्लेटफॉर्म पर खेलने का मौका मिल सके. 


नोट  :-  हम सब ये तो जान गए कि IPL के शुरू करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ LALIT MODI का था और उन्हें IPL का मास्टर्स माइंड माना जाता है. Latil Modi पूर्व मे IPL के अध्यक्ष हुआ करते थे.  लेकिन बाद Latil मोदी को Money लॉन्ड्रिंग और सट्टे बजी में शामिल होने के कारण  उन्हें IPL से निकल दिया गया. और अब वो देश छोड़ कर दूसरे देश में रह रहे हैं. 


शुरुआत में IPL में 8 टीमें ने हिस्सा लिया था. 

1.   चेन्नई सुपर किंग्स  (CSK) 

2.   मुंबई इंडियंस  (MI) 

3.   रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु  (RCB) 

4.   दिल्ली डेयरडेविल्स   (DD) 

5.   राजस्थान रॉयल्स   (RR) 

6.   डेक्कन चार्जर्स   (DC) 

7.   किंग्स XI  पंजाब   (KXIP) 

8.   कोलकाता नाइट राइडर्स   (KKR) 




Teams को चुनने के लिए Rules और Regulations. 


IPL  एक बड़ा प्लेटफॉर्म है तो इसमे सारे खिलाड़ी हिस्सा लेना चाहते हैं  और हर खिलाड़ी को खेलने और अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिले इसके लिए टीम और खिलाड़ी को चुनने के लिए कुछ नियम बनाए गए. 


1.   जैसे कि एक टीम के सभी खिलाड़ियों की कीमत                  मिलाकर  ₹ 80 Crore रुपये से कम होने चाहिए.

2.   एक टीम को बहुत ज्यादा खिलाड़ी रखने की अनुमति            नहीं  है,  इसमे कोई भी टीम सिर्फ 18 से 25 खिलाफी          ही  अपने  टीम में रख सकते हैं. 

3.   आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों को चुनने का भी एक          अलग नियम है, जिसमें से एक टीम 8 से ज्याद विदेशी           खिलाड़ी अपने टीम में नहीं चुन सकता है. 

4.   किसी भी मैच के Playing XI मे टीमें 4 से ज्यादा               विदेशी खिलाड़ी को नहीं खिला सकते हैं. 


ये कदम इसलिए उठाया गया था ताकी इस League में हमारे देश के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी खेल सकें और हमारे देश के युवा खिलाडियों को इस प्लेटफॉर्म पर खेलने का मौका मिल सके 



IPL मे नई TEAMS की ENTERY कैसे हुई ? 


IPL ने अपने पहले ही सीजन से ही ज्यादा से ज्यादा ऑडियंस इकट्ठा करने लगी थी. इस League से जितनी भी उम्मीदें रखी गई थी ये सब पे खरा उतरा. IPL की शुरुआत 8 टीमें से की गई थी और इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए 21 March 2010 को ये Announce किया गया की IPL के चौथे Season में दो और टीमें जोड़ी जाएंगी. जिनके नाम है Pune Warriors India और Kochi Tuskers Kerala. फिर बीसीसीआई से हुई अनबन के बाद Kochi Tuskers को एक साल के बाद ही Terminate कर दिया गया. 


इसके बाद अगले साल Deccan Chargers को नए Owner की ज़रूरत थी, पर कोई खरीदार आगे नहीं आया और इसी वजह से इस टीम को भी खत्म कर दीया गया. DC के ख़तम होने के बाद इस टीम की जगह ली Sun Risers Hyderabad ने और इसे Sun Tv Network ने खरीदा था. Financial Issues के वजह से Pune Worrios India ने 2013 में IPL को अलविदा कह दिया. 



IPL इतिहास की सबसे बड़ी Controversies. 


दुनिया का कोई ऐसा खेल नहीं होगा जिसमें controversies हुई हो waise ही हमारे इंडियन प्रीमियर लीग में भी कई सारे controverseis हुई हैं. उसी में से एक हम आपको बता रहे रहे हैं जो सबसे ज्यादा highlight हुई. 


हम बात करेंगे IPL के इतिहास की सबसे बड़ी Controversies, 2015 में मैच फिक्सिंग की वजह से IPL के कई खिलाडियों और टीमें पर ilzam लगाए गए.  इसमे 3 खिलाडियों पर Life Time बैन लगा दीया गया, जिसमें भारत की स्टार  बोलर Shree Shant का भी नाम था जब की aeisa कभी साबीत नहीं हुआ की Shree Shant ने मैच फिक्सिंग किया हो. 


और टीमें की बात करें तो इसमे 2 टीमें का नाम सामने आया जिसमें Rajasthan Royals और Chennai Super King  है. और इसी के बाद CSK और RR को दो सालों के लिए आईपीएल से बैन कर दिया गया. 


इसके बाद Rising Pune Supergaints और Gujarat Lions ने ईन दोनों टीमें की जगह की. और फिर दो सालों के बाद जब CSK और RR pe se बैन हटा तो दोनों ने फिर से आईपीएल में वापसी कर ली और उसके बाद Rising Pune और Gujarat Lions को dissolve कर दीया गया. 



IPL टीम के मालिकों की कमाई कैसे होती है ?  (How did the IPL team Owners Make Money)



प्लेयर   Retain  क्या  है  ?  


IPL मे जब भी कोई खिड़की किसी टीम के लिए बहुत अच्छा प्रदर्शन कर्ता है तब वो खिलाड़ी अपने टीम का एक महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी माना जाता है, चाहे को गेंदबाज हो, बल्लेबाज हो या फिर ऑल राउंडर हो. वो अपने टीम के लिए एक अहम हिस्सा हो जाता है.  इसी लिए फ्रेंचाइजी अपने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी को अपने टीम का हिस्सा बनाए रखने के लिए उसे Retain करती है. कोई भी फ्रेंचाइजी  अपने टीम के सिर्फ तीन खिलाड़ियों को ही Retain कर सकती है. यह फ्रेंचाइजी पे निर्भर कर्ता है की वो अपने खिलाडियों को Retain करना चाहता है या नहीं. 



प्लेयर   Release  क्या  है  ?


अभी हमने खिलाड़ी Retain के बारे में जाना की खिलाड़ी retain क्या और कैसे होता है. अब हम जाएंगे कि खिलाड़ी Release ईन IPL क्या होता है. अगर मैं आपको सीधा और सरल भासा में बताऊँ तो जो खिलाड़ी अपने पिछले सीजन में जिस टीम से खेला है और उसके बाद अगले सीजन के लिए उसकी टीम ने उसको अपने टीम से बाहर कर दिया हो. अगर कोई खिलाडी का खले उसके फ्रेंचाइजी को पसंद नहीं आता है तो वो इसी वजह से उस खिलाड़ी को अगले सीजन में अपने टीम से रिलीज कर देता है. तो खिलाड़ी को टीम से बाहर करने को ही खिलाड़ी रिलीज और Release कहते हैं. 



प्लेयर   Traded   क्या   है  ? 


ऊपर के पैराग्राफ में हमने padha की कैसे खिलाड़ियों को टीम में wapas लिया जाता है और कैसे उसको रिलीज किया जाता है. अब हम जाएंगे की आईपीएल में Traded प्लेयर का मतलब क्या होता है. Traded प्लेयर का मतलब खिलाड़ियों की  आपस मे अदला - बदली होती है, यानी फ्रेंचाइजी के बीच आपस में खिलाडियों का आदान - प्रदान करना.  यह सिर्फ किसी तब ही होता है जब किसी भी फ्रेंचाइजी के बीच आपस में सहमती हो.  इस सहमती से दोनों फ्रेंचाइजी आपस में अपने खिलाड़ी को एक दूसरे से बदल लेते हैं. 


IPL इतिहास में बहुत बार ऐसा देखा गया ही की जरूरी नहीं है की खिलाड़ी के बदले खिलाड़ी ही बदला जाये. कुछ फ्रेंचाइजी अपने खिलाड़ी को दूसरे टीम में trade करने के बाद सामने वाली टीम से खिलाड़ी ना लेकर उससे  उस खिलाड़ी की कीमत यानी पैसे लेती है.  तो इससे ही हम प्लेयर Tarade कहते हैं. 



Right  to  Match  क्या   है   (RTM)  ? 


Right to match (RTM)  एक प्रकार का अधिकार होता है, जो सभी फ्रेंचाइजी को दिया जाता है. इस अधिकर के मदद से वह नीलामी के दौरान बीके हुए अपने खिलाडियों को वापस ले सकता है. उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो अगर कोई फ्रेंचाइजी अपने किसी अछे खिलाड़ी को Retain नहीं कर पाती है और उस खिलाड़ी को कोई और फ्रेंचाइजी खरीद लेता है.  तो अगर वो फ्रेंचाइजी अपने बीके हुए खिलाड़ी को फिर से वापस प्राप्त करना चाहता है तो उसे नीलामी की प्रक्रिया खत्म होने का इंतजार करना होग. जब नीलामी खत्म हो जाए तो फिर फ्रेंचाइजी अपने Right To Match Card का ईस्तेमाल करके अपने खिलाड़ी को फिर से अपने टीम वापस शामिल कर सकता है.

फ्रेंचाइजी टीम को अपने खिलाड़ी को वापस अपने टीम में शामिल करने के लिए उतने ही राशि देने होतें हैं जितने में उसको नई फ्रेंचाइजी के द्वारा नीलामी में खरीदा गया था. इसके बाद वह खिलाड़ी RTM की अधिकार के वजह से अपने पुराने फ्रेंचाइजी टीम का हिस्सा बन जाता है.




IPL टीम के मालिकों की कमाई कैसे होती है ?  (How did the IPL team Owners Make Money) 


जैसा की आप सभी को पता होगा ही एक आईपीएल की टीम बनाने  में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं. IPL के एक एक खिलाड़ी की कीमत करोडों में होती है.  जैसे उदहारण के तौर पर देखे तो Virat Kohli को  हर साल आईपीएल फ्रेंचाइजी द्वारा 17 करोड़ की सैलरी दी जाती है, वहीँ Rohit Sharma और MS Dhoni को 15 - 15 करोड़ की सैलरी दी जाती है.


अब ये सारी बातों सुन कर और पढ़ कर लोगों के मन के सवाल उत्पन होता ही की अगर आईपीएल टीम के मालिक इतना खर्च करते हैं तो फिर ये कमाते कहाँ से हैं. 

तो आज हम आपको इसी बारे में विस्तार से बताने वाले हैं कि मालिकों को पैसा कहां से मिलता है. आईपीएल मालिकों का पैसा कमाने बहुत सारा सोर्स है. तो आइये जानते हैं की वह क्या क्या हैं. 



1.  TITTLE   SPONSORSHIP 


 IPL के कमाई का एक हिस्सा है Tittle Sponsorships एक रिपोर्ट के मुताबिक हर फ्रेंचाइजी का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा Tittle Sponsorship से आता है. 


2.  BRAND   SPONSORSHIP 


IPL के हर team का एक Brand Sponser होता है. अगर आप ग़ौर करेंगे तो प्लेयर्स जो टी - शर्ट और लोअर पहनते हैं उसपे ब्रांड का Logo लगा हुआ होता है. प्लेयर्स के cap, हेल्मेट, kits सभी चीजों pe ब्रांड का नाम और Logo होता है. आपने ने देखा होगा कि क्रिकेट स्टेडियम में जो होर्डिंग होते हैं, रोप रोते हैं सभी चीजों पर ब्रांड्स के नाम होते है. ये सारे ब्रांड्स टीम Owners को काफी sara पैसा देते हैं. इससे सभी मालिकों को करोड़ों में कमाई हो जाती है. 


3.  TICKETS   PRICE 


आईपीएल के मालिकों को मैच के टिकट का कुछ हिस्सा दिया जाता है. इससे आईपीएल के मालिकों को लगभग 60 से 70 करोड़ रुपये की कमाई होती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक  Eden Garden और Wankhede जैसे Stadium से आईपीएल टीम एक मैच में 6 से 7 Crore रुपये कमा लेती है. 


4.  MIDEA  RIGHTS 


Midea Right के द्वारा आईपीएल के मालिकों की सबसे अधिक कमाई होती है. Midea Right का मतलब होता है कि किसी भी चैनल को आईपीएल का मैच का प्रसारण करने का अधिकार देना.  और ये अधिकार हासिल करने के लिए बोली लगती है और चैनल द्वारा BCCI को ढेर सारे पैसे दिए जाते हैं.  BCCI पैसों का अपना हिस्सा रख कर बाकी राशि सारे टीमें में उसके रैंक के हिसाब से बांट देती है. BCCI पूरे रकम का 40% हिस्सा फ्रेंचाइजी टीम में बांट देती है . ये टीम के मालिकों के आय का मह्त्वपूर्ण सोर्स है.  एक अनुमान के हिसाब से Midea Rights से हर टीम को 160 Crore रुपये मिलते हैं. 


5.  PRIZE  MONEY 


IPL के हर सीजन के अंत में Qualify करने वाली शीर्ष चार टीमें को इनामी राशि के तौर पर रुपये दिए जाते हैं, जो कि सारा पैसा टीम के मालिकों को मिलता है. IPL season जीतने वाली टीम को  ज्यादा राशि मिलती है और नीचे के टीमें को कम राशि मिलते हैं. 





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